जिम्मेदारियां
जिम्मेदारियां
अनकही, छुपी हुई , छोटी बड़ी और पता नही कैसी होती है ये जिम्मेदारियां
आया संसार जगत में जो कोई अकेला कभी नही छोड़ती है ये जिम्मेदारियां।
दर्द पीड़ा में भी अब ख़ामोश रखती है ये जिम्मेदारियां
बेरहम दुनिया में बस जिंदा सी रखती है ये जिम्मेदारियां
कैसे इस मासूम दिल को आदमी बनाती है ये जिम्मेदारियां
हमारा छोड़ो औरों को भी क्या दिन दिखाती है ये जिम्मेदारियां
बचपन अधूरा छोड़कर आगे बढ़ना सिखाती है ये जिम्मेदारियां
भले ही उनसे भले है हम या भली है हमारी ये जिम्मेदारियां
उस हसीन बीते हुए दिन में हमें क्या पता होती थीं जिम्मेदारियां
हर उम्र पर देखी है हम सबने कुछ न कुछ अधूरी जिम्मेदारियां
इसीलिए सारे हसीन पल को मेरे मिटाती हैं ये जिम्मेदारियां
तिल तिल तड़पाकर उसे फिर से खिलाती है ये जिम्मेदारियां
खुद की चिंता छोड़कर बस अब याद रहती है ये जिम्मेदारियां
सभी अपने अब दूर है लेकर अपनी अपनी ये जिम्मेदारियां
हैं कई साथ मिलकर बनी, जानता हूं मजबूरी, ये जिम्मेदारियां
पता है इन्हे कम समय में ही तोड़ दूंगा मैं सारी ये जिम्मेदारियां
कुछ सौगातें से है और कुछ मेरी अपनी है सभी जिम्मेदारियां
जीवन के अधूरे सफर में कैसे छोड़ दूं मैं सारी ये जिम्मेदारियां
जिंदगी के आखिरी वक्त तक निभाऊंगा मैं ये जिम्मेदारियां
अगर मिले सहारा अपनो का तो कम हो जाएंगी ये जिम्मेदारियां
अगर मिली हौंसलो की घूंट तो सब पूरी करूंगा ये जिम्मेदारियां
जमाने में बदलने की फितरत में भी आगे है ये जिम्मेदारियां
दुनियां छोड़ने पर भी कुछ अधूरी रह जाती है ये जिम्मेदारियां
कुछ और नहींआदमी के लिए बस एक चाहत है ये जिम्मेदारियां।
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