गलतफहमी
सारा खेल उन फालतू गलतफहमियों का है
जो सबने दिमाग में ही नही दिल में पाला है
वरना हम भी जिंदगी के खिलाड़ी होते,
माता पिता की आंखों के हम तारे होते,
भाईयों के हौसलों के हम भी सहारे होते,
भाभियों की दुनिया में हम ही दुलारे होते
जीवन साथी के एकमात्र हम आसरे होते,
परिवार में सबके हम भी प्यारे होते,
हर जगह उसने ही क्यूं बाजी मारी है
वफादारी सबसे क्यूं हम सबने हारी है
पर पता नही कैसे एक जगह वो हारी है
दोस्तो के लिए हम पहले वाले नजर आते है
इसीलिए दोस्तों में हम कमीने कहे जाते है
वो शरीफ बना न सकी दोस्तो की नजरो में
पता नही हम अपनो से कैसे बदले गैरों में
उसने अकेले सबको अकेला बना दिया है
ये सारा खेल मिलकर हम सबने खेला है
हर किसी ने कुछ न कुछ बहुत कुछ खोया है
आशाएं, आरजू , खुशियां ,तमन्ना कहां है
इन सभी को हम सभी ने मिलकर मारा है
सोचते है सभी, खत्म कर दे आज ही उसे
पर शायद वक्त भी मिला हुआ है उसी से
पर सिमटे है सभी के पर उड़ेंगे एक दिन
इंतजार है उस पल का मिलेंगे सब एक दिन
सुनाएंगे हम सभी अपने रास्तों का किस्सा
करेंगे तय सभी अपनी दूरियों का हिस्सा
पहुचेंगे हम सभी धीरे धीरे अपनी मंजिल
पर शायद तब तक कुछ नहीं बच पाएगा
आंसू,पछतावा के सिवा कुछ न रह जायेगा
सोचते है हम भी वो दिन कब आएगा।।
!! Ld dubey !!
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